Farooq Abdullah: आतंकवाद को खत्म करना जरूरी- रिटायर्ड SSP की हत्या पर बोले डॉ फ़ारूक़ अब्दुल्लाह

Retired SSP Shot Dead: बारामूला में रिटायर्ड SSP के कत्ल पर बोलते हुए, डॉ फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि हमें आतंकवाद की जड़ को समझने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा, सरकार कहती थी की आर्टिकल 370 हटाने के बाद आतंकवाद ख़त्म हो गया है और प्रदेश में टूरिज्म बढ़ा है. लेकिन ज़ब तक हम लोग आतंकवाद की जड़ नहीं समझते जब तक आतंकवाद बना रहेगा.

Farooq Abdullah: आतंकवाद को खत्म करना जरूरी- रिटायर्ड SSP की हत्या पर बोले डॉ फ़ारूक़ अब्दुल्लाह

Jammu and  Kashmir: बारामूला में रिटायर्ड SSP के कत्ल पर बोलते हुए, डॉ फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि हमें आतंकवाद की जड़ को समझने की ज़रूरत है. दरअसल, जम्मू-कश्मीर के शीरी बारूमूला में गेंटमूला इलाके की मस्जिद में आज सुबह कुछ अतंकवादियों ने एक रिटायर्ड SSP की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी. जिसके बाद पूरे जम्मू कश्मीर में शोर है. ऐसे में इस दुर्घटना पर कश्मीर के दिग्गज नेताओं ने अपनी बात रखना शुरू कर दिया है. 

गौरतलब है कि कश्मीर के बारामूला में आतंकियों द्वारा मस्जिद में नमाज़ पढ़ रहे पुलिस के रिटायर SSP की निर्मम हत्या पर बोलते हुए नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख डॉ फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अभी भी बरकरार है. उन्होंने कहा, सरकार कहती थी की आर्टिकल 370 हटाने के बाद आतंकवाद ख़त्म हो गया है और प्रदेश में टूरिज्म बढ़ा है. लेकिन ज़ब तक हम लोग आतंकवाद की जड़ नहीं समझते जब तक आतंकवाद बना रहेगा. 

वहीं, डॉ फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने रिटायर्ड SSP की मौत पर दुख ज़ाहिर करते हुए कहा, उनके परिवार को इस मुश्किल घड़ी में हिम्मत बनाए रखने की बात कही.

गेंटमुला में रहने वाले रिटायर्ड SSP मोहम्मद शफी अपने इलाके की मस्जिद में आज सुबह अजान दे रहे थे. इसी दौरान कुछ आतंकियों ने मोहम्मद शफी को अपनी गोलियों का निशाना बनाकर उनकी हत्या कर दी. रिटायर्ड की हत्या करने के बाद फरार हैं. 

हालांकि, इस वारदात की खबर मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का मुआयना किया. जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा बल ने हत्यारों की तलाश में गेंटमुला और इसके आस पास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. 

पहली बार अजान देते नमाजी का कत्ल 

बता दें कि आतंकियों ने इस पहले भी मस्जिदों में हमला कर नमाजियों की हत्या की है. उनपर गोलीबारी की है. लेकिन ये पहली घटना है जिसमें आतंकियों ने किसी नमाजी को अजान देते वक्त अपनी गोली का शिकार बनाया है. 

इससे पहले भी मस्जिदों में मारे गए हैं पुलिस अधिकारी

आपको बता दें कि कश्मीर घाटी की मस्जिदों में इससे पहले भी बहुत बार आतंकियों ने बहुत से पुलिस अफसरान और नमाजियों की निर्मम हत्याएं की हैं. अब से तकरीबन 6 साल पहले साल 2017 में आतंकियों ने ऐसी ही एक वारदात को अंजाम दिया था. 23 जून 2017 को उग्रवाद और अतंकी समर्थक एक भीड़ ने श्रीनगर की जामिया मस्जिद में शहर के तत्कालीन DSP मोहम्मद अयूब पंडित की लिंचिंग (हत्या) की थी. 

सर्च ऑपरेशन जारी

आपको बता दें कि रविवार को हुई इस आतंकी वारदात की खबर मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले को दर्ज कर, पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.    

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