Primary School: मेंढर के इस प्राइमरी स्कूल में टूटे फर्श पर पढ़ते हैं छात्र, स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की है कमी...

Pathetic Condition of School: स्कूल में न फर्श है, न प्लास्टर, न बाथरूम, न कोई प्रॉपर किचन और पानी की व्यवस्था. छात्र और स्कूल स्टाफ परेशान.

Primary School: मेंढर के इस प्राइमरी स्कूल में टूटे फर्श पर पढ़ते हैं छात्र, स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की है कमी...

Jammu and Kashmir: मेंढर सब-डिवीजन के सीमावर्ती इलाके मनकोट के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जंदान धारा किसबलडी की हालत बद से बदत्तर है. स्कूल के कई कमरों में बीते दस सालों से फर्श और प्लास्टर नहीं हुआ है. जबकि स्कूल में बाथरूम, रसोई या पानी की सुविधा से महरूम हैं छात्र. 

सालों से ये स्कूल इन सभी बुनियादी सुविधाओं के बिना चलता रहा है. स्कूल के छात्र फर्श पर बैठकर पढ़ते हैं. गौरतलब है कि बिल्डिंग का काम 2014-15 में शुरू हुआ था. इसके बाद, स्कूल की छत गिरने के बाद, ठेकेदार ने निर्माण कार्य बंद कर दिया और स्कूल भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका. जिसके कारण बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. 

इसको लेकर स्थानीय लोग शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से नाखुश हैं. लोगों ने आलोचना करते हुए कहा कि स्कूल में रूम की कमी में 60 बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. लोगों का कहना है कि सरकार ने स्कूल के भवन के लिए लाखों रुपये दिये हैं, लेकिन भवन नहीं बन पाया है. 

लोगों का आरोप है कि जिस अधिकारी ने भवन निर्माण पूरा कराए बिना ठेकेदार को धनराशि दी, उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए और बच्चों की जान से खिलवाड़ न किया जाए. इसके साथ ही स्कूल का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए. 

इस संबंध में जब उप प्रमुख ने शिक्षा अधिकारी, पुंछ मुख्यालय, मेंढर से बात की तो उन्होंने कहा कि स्कूल भवन की हालत अच्छी नहीं है, क्योंकि जब भवन बनाया गया था तो सरकार की ओर से मिलने वाली धनराशि पर्याप्त नहीं थी. जिसके कारण ठेकेदार भाग गया था.  उन्होंने कहा कि मनकोट जोन में जितने भी सरकारी स्कूल हैं, इनमें से 39 स्कूल जर्जर हालत में हैं. सरकार द्वारा समग्र योजना के तहत स्कूलों के नवीनीकरण और नवीनीकरण की योजना बनाई गई है. कुछ स्कूलों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं के प्रस्ताव भी उच्च अधिकारियों को भेजे गए हैं. जिनपर जल्द ही कार्य किया जाएगा. 

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