Srinagar News: प्रवासी श्रमिकों की हत्या मामले में आतंकवादी गिरफ्तार

पुलिस ने श्रीनगर में पिछले सप्ताह हुई प्रवासी श्रमिकों की हत्या के मामले में एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है

Srinagar News: प्रवासी श्रमिकों की हत्या मामले में आतंकवादी गिरफ्तार

पुलिस ने श्रीनगर में पिछले सप्ताह हुई प्रवासी श्रमिकों की हत्या के मामले में एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है.एडीजीपी विजय कुमार और आईजीपी वीके बिदरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह घोषणा की. उन्हने आगे यह भी बताया कि पुलिस ने केवल 6 दिनों के भीतर हमले के लिए जिम्मेदार एक आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया है और श्रीनगर हमले को सुलझाने में सफल रही.

बता दें कि 07.02.2024 को, लगभग शाम सात  बजे, अज्ञात आतंकवादियों ने शल्ला कदल, शहीद गंज श्रीनगर में दो व्यक्तियों पर गोलियां चला दीं थी. इस घटना में अमृतपाल सिंह पुत्र सरमुख सिंह निवासी चमायारी की मौके पर ही मौत हो गई. एक अन्य व्यक्ति रोहित मासी पुत्र परिनमासी निवासी चमायारी, अमृतसर को एसएमएचएस अस्पताल और फिर एसकेआईएमएस सौरा श्रीनगर ले जाया गया जिसके बाद  रोहित मासी ने भी अगले दिन यानि  08.02.2024 को दम तोड़ दिया.

पुलिस अधिकारीयों ने  बताया कि पंजाब के इन दो व्यक्तियों की हत्या पर और उसके बाद अपराध के हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री की पाए जाने पर मामला दर्ज किया गया.  एफआईआर नं. 08/2024 धारा 302, 307 आईपीसी, 7/27 आर्म्स एक्ट, 15,16,20 यूएलए (पी) एक्ट के तहत पीएस शहीद गंज, श्रीनगर पुलिस ने मामले का पता लगाया जिससे आतंकवादी हमले को अंजाम देने वाले आरोपियों की पहचान की गई. 

श्रीनगर पुलिस ने तकनीकी और क्षेत्रीय विश्लेषण के आधार पर, कुछ संदिग्धों पर ध्यान केंद्रित किया और बाद में, जांच के दौरान एकत्र किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर, मुख्य आरोपी आदिल मंज़ूर लंगू पुत्र मंज़ूर अहमद लंगू निवासी ज़ाल्डागर श्रीनगर की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया. 

आरोपी के बारे में पुलिस ने क्या बताया?
गिरफ्तार हुए आतंकी के बारे में बताते हुए पुलिस  कहा कि "यह सामने आया है कि आरोपी ने आतंकी अपराध को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान में अपने आकाओं के साथ मिलकर साजिश रची थी. आरोपी अत्यधिक प्रेरित और कट्टरपंथी व्यक्ति था. पाकिस्तान में उसके हैंडलर ने सोशल मीडिया पर उसे कट्टरपंथी बनाया और आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए प्रेरित किया. साजिश को आगे बढ़ाते हुए हैंडलर ने उसे हथियार उपलब्ध कराया जिसके बाद उसने उसे हमले को अंजाम देने के लिए प्रेरित किया. उसी को आगे बढ़ाते हुए, आरोपी ने अपने लक्ष्यों की पहचान की और उस दिन उन्हें शल्ला कदल की गलियों में ट्रैक किया और उन दोनों पर गोलियां चला दीं, जिसके परिणामस्वरूप दोनों की मौत हो गई.''

बता दें प्रासंगिक रूप से, लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी टीआर ने अपने सोशल मीडिया चैनल पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है.

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