Tunneling Stopped: जम्मू-कश्मीर की इस टनल में हो सकता था दूसरा उत्तरकाशी सुरंग हादसा...

Jammu-Srinagar Highway Tunnel: तकरीबन डेढ़ साल पहले इसका काम शुरू हुआ था. NHAI अफसरान का कहना है कि टनल में साइड की दिवार पर बढ़ रहे दबाव की वजह जानने के लिए एक्सपर्ट्स और डिज़ाइनर्स जुटे हुए हैं.

Tunneling Stopped: जम्मू-कश्मीर की इस टनल में हो सकता था दूसरा उत्तरकाशी सुरंग हादसा...

Jammu and Kashmir: उत्तराखंड जैसे हादसे से बचने के लिए रामबन में जम्मू-श्रीनगर हाई-वे पर बन रही टनल का काम फ़िलहाल रोक दिया गया है. दरअसल, NHAI के एक सीनियर अफ़सर ने बताया कि टनल में साइड की दीवार पर दबाव बढ़ने की वजह से यह फ़ैसला लिया गया है. जिसके बाद टनल में काम करने वाले मजदूरों और मशीन को भी बाहर निकाल लिया गया है. 

बता दें कि इस टनल की लंबाई कुल 800 मीटर होने वाली है. जिसमें से 400 मीटर तक खोदाई का काम पूरा कर लिया गया है. रामबन के मेहड़ में मौजूद कैफेटेरिया मोड़ के इस इलाके में सबसे ज्यादा सड़क हादस होते हैं. इस हिस्से को काफी खतरनाक माना जाता है. जिसको ध्यान में रखते हुए इस टनल को तैयार किया जा रहा है. 

गौरतलब है कि तकरीबन डेढ़ साल पहले इसका काम शुरू हुआ था. NHAI अफसरान का कहना है कि टनल में साइड की दिवार पर बढ़ रहे दबाव की वजह जानने के लिए एक्सपर्ट्स और डिज़ाइनर्स जुटे हुए हैं. 

जानकारी के लिए बता दें कि बीते साल मई के महीने में रामबन जिले में मौजूद एक टनल में बड़ा हादसा हुआ था. रामबन में खूनी नाले के पास तैयार की जा रही एक सुरंग ढहने से 10 मज़दूरों की मौत हो गई थी.

उत्तराखंड जैसे हादसे से बचने के लिए रामबन में जम्मू-श्रीनगर हाई-वे पर बन रही टनल का काम फ़िलहाल रोक दिया गया है. दरअसल, NHAI के एक सीनियर अफ़सर ने बताया कि टनल में साइड की दीवार पर दबाव बढ़ने की वजह से यह फ़ैसला लिया गया है. जिसके बाद टनल में काम करने वाले मजदूरों और मशीन को भी बाहर निकाल लिया गया है. 

बता दें कि इस टनल की लंबाई कुल 800 मीटर होने वाली है. जिसमें से 400 मीटर तक खोदाई का काम पूरा कर लिया गया है. रामबन के मेहड़ में मौजूद कैफेटेरिया मोड़ के इस इलाके में सबसे ज्यादा सड़क हादस होते हैं. इस हिस्से को काफी खतरनाक माना जाता है. जिसको ध्यान में रखते हुए इस टनल को तैयार किया जा रहा है. 

गौरतलब है कि तकरीबन डेढ़ साल पहले इसका काम शुरू हुआ था. NHAI अफसरान का कहना है कि टनल में साइड की दिवार पर बढ़ रहे दबाव की वजह जानने के लिए एक्सपर्ट्स और डिज़ाइनर्स जुटे हुए हैं. 

जानकारी के लिए बता दें कि बीते साल मई के महीने में रामबन जिले में मौजूद एक टनल में बड़ा हादसा हुआ था. रामबन में खूनी नाले के पास तैयार की जा रही एक सुरंग ढहने से 10 मज़दूरों की मौत हो गई थी.

Latest news

Powered by Tomorrow.io