Jammu-Kashmir: पुणे की पिच पर कुपवाड़ा की लड़कियां दिखाएंगी दम, क्रिकेट लीग के लिए 16 खिलाड़ी रवाना...

शिक्षा, स्वास्थ, रोज़गार और खेल में जम्मू कश्मीर लगातार आगे बढ़ रहा है. ऐसे में कुपवाड़ा की लड़कियों ने अपना क्रिकेट कौशल दिखाने के लिए कमर कस ली है. बता दें कि जल्द ही कुपवाड़ा की लड़कियों की एक टीम पुणे में अपना क्रिकेट कौशल दिखाने जा रही है. इन लड़कियों का सलेक्शन कुपवाड़ा जिले के अलग-अलग गांवों से हुआ है.

Jammu-Kashmir: पुणे की पिच पर कुपवाड़ा की लड़कियां दिखाएंगी दम,  क्रिकेट लीग के लिए 16 खिलाड़ी रवाना...

Jammu and Kashmir: अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से लगातार घाटी में महिलाओं के प्रति बदलाव की हवा बह रही है. इस बीच कुपवाड़ा की लड़कियों ने अपना क्रिकेट कौशल दिखाने के लिए कमर कस ली है.  जल्द ही कुपवाड़ा की लड़कियों की एक टीम पुणे में अपना क्रिकेट का दम दिखाएंगी. बता दें कि इन लड़कियों का सलेक्शन कुपवाड़ा जिले के अलग-अलग गांवों से हुआ है. कुछ लड़कियां जहां भारतीय क्रिकेट टीम की नुमाइंदगी करने को बेकरार हैं, तो वहीं कई लड़कियां आर्मी ऑफिसर और आईएएस बनने का सपना देख रही हैं.

16 खिलाड़ियों की टीम 14 दिन के लिए पुणे रवाना 

इस सालाना चैंपियनशिप में पुणे जाने के लिए 16 लड़कियों को सलेक्ट किया गया है.  कुपवाड़ा से पुणे जाने और वहां से फिर वापसी के लिए एक सद्भावना प्रोजेक्ट की मांग की गई. इसी के तहत 14 दिनों के लिए, 12 दिसंबर 23 को पटाहिरी गैरीसन से प्रभारी अधिकारी, जेसीओ-आईसी, दो एनसीओ के साथ 16 खिलाड़ियों की इस टीम को 15 से लेकर 24 दिसंबर 2023 तक पुणे भेजा गया. बता दें कि इन लड़कियों को लोकल खिलाड़ी ट्रेनिंग दे रहे हैं.  
 
आपको बता दें कि पुणे रवाना होने से पहले खिलाड़ियों की टीम से उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने भी मुलाकात की और उन्हें बधाई देते हुए जीतकर वापस आने के लिए प्रोत्साहित किया. इस दौरे पर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर कई तरह के खास मौके मिलेंगे जिनमें रणजी खिलाड़ियों के साथ बातचीत करने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियमों में मैच खेलना शामिल है. 

ऑपरेशन सद्भावना के तहत चैंपियनशिप का आयोजन 

गौरतलब है कि 2021 में ऑपरेशन सद्भावना के मद्देनज़र, भारतीय सेना कुपवाड़ा में लड़कियों की एक क्रिकेट चैंपियनशिप आयोजित करने का विचार लेकर आई. शुरुआत में इस चैंपियनशिप सिर्फ छह टीमों ने हिस्सा लिया था. लेकिन सेना की लगातार जारी कोशिशों के बाद साल 2022 में टीमों की गिनती बढ़कर 14 हो गई. 

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